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धनतेरस में खरीदना है हीरा-सोना?…ऐसे करें असली-नकली की पहचान

धनतेरस में खरीदना है हीरा-सोना?…ऐसे करें असली-नकली की पहचान

धनतेरस के अवसर पर सोना-चांदी व हीरा की बाजार में जबरदस्‍त मांग है। मांग के मद्देनजर नकली व मिलावटी सामान की भी बाढ़ आ गई है। शुद्ध सोना (गोल्ड) के नाम पर इसमें चांदी (सिल्वर), तांबा (कॉपर) व जस्ता (जिंक) की मिलावट की जाती है। चीन निर्मित नकली हीरे भी खूब बिकते हैं।

सोना व हीरा की खरीद के दौरान किन बातों का ध्‍यान रख आप ठगी से बच सकते हैं, इसपर हमने बिहार के कुछ स्‍वर्णकारों तथा रत्‍व विशेषज्ञों से बात की। आइए जानते हैं…
ऐसे करें शुद्ध सोने की पहचान

आम लोग जानकारी के अभाव में असली-नकली सोने में भेद नहीं कर पाते हैं। हालांकि, यह मुश्किल नहीं। पटना के स्‍वर्ण व्‍यवसायी अजित स्‍वर्णकार के अनुसार कुछ साधारण उपाय हैं, जिन्हें आजमाकर आप सोने की शुद्धता व उसके असली-नकली होने का फर्क जान सकते हैं। बिना किसी खर्च कुछ पलों में ही पता चल जाएगा कि सोना शुद्ध है या मिलावटी। ध्‍यान रहे, ये उपाय आपको सोने के बारे में प्राथमिक जानकारी देंगे, ताकि संदेह हाेने पर आप इसकी मशीन से जांच करा आश्वस्त हो सकें।
– सबसे पहले तो सोने का हॉलर्मा‍क देखें। यह निशान सोने की पूरी जानकारी देता है।
– सोने को एक कप पानी में डालें। नकली सोना हल्का तैरने लगता है, जबकि असली बैठ जाता है।
– 22 कैरेट गोल्ड को यदि आप दांतों से काटेंगे तो इसपर हल्का निशान पड़ जाएगा, क्योंकि यह मुलायम होता है। लेकिन, 18 कैरेट गोल्ड के कठोर होने के कारण उसपर निशान नहीं पड़ता।
– गोल्ड पर छोटा से स्क्रैच कर उसपर नाइट्रिक एसिड डालें। अगर वह स्पॉट हरा हो जाता है तो असली नहीं है।
– अनग्लेज्ड सिरामिक प्लेट पर सोना रखकर उसे थोड़ा दबाव से ड्रैग करें। अगर प्लेट पर काली धारी बनती है तो वह असली नहीं है। सोने के रंग की धारी बने तो सोना असली है।
– सोना को चुंबक के पास ले जाने पर अगर वह आकर्षित हो जाए तो मिलावट है।
– सोना पहनने के बाद अगर त्वचा पर कोई बदलाव दिखता है तो असली नहीं है।
– महिलाएं फोरहेड पर थोड़ा पाउडर या फाउंउेशन लगाकर वहां सोना के गहने को रगड़ें। अगर वहां काली लकीर बनती है तो सोना नकली है।
– पसीने के संपर्क में आने पर अगर सोना सिक्के की तरह दुर्गंध दे तो वह नकली है। असली सोना गंध नहीं देता।
– 22 कैरेट का सोना ब्राइट येलो होता है, जबकि 18 कैरेट का स्ट्रांग येलो तथा 18 कैरेट से कम का लाइट येलो होता है।
– नकली सोने पर काले या हरे धब्बे भी दिख सकते हैं।
– असली सोना में कभी जंग नहीं लगता।

ऐसे जानें हीरा असली है या नकली

धनतेरस के अवसर पर हीरा सहित अन्‍य कीमती रत्नों की बिक्री भी तेज हो जाती है। लेकिन, आप जो खरीद रहे हैं, वो नकली भी हो सकता है। इस दिनों बाजार में चीन निर्मित नकली हीरों की आवक हो चुकी है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि हीरा असली है या नहीं। रत्‍न विशेषज्ञ पंडित संजय शर्मा ने कुछ आसान जांच बताए, जो आपको बता देंगे कि हीरा कितना असली है।
– हीरा पर मुंह से गर्म हवा की भाप ठीक उसी तरह दें जैसा अक्सर बाथरूम में शीशे पर करते हैं। अगर हीरे पर भाप बनी रहे तो वह नकली है। अगर भाप मॉयश्चर बन जाए तो वह असली है।
–  असली हीरे में बहुत ही ज्यादा रिफ्लेक्टिंग पावर होती है। नकली हीरे में रिफ्लेक्टिंग पावर बहुत कम होती है। इसे बहुत ही आसान तरीके से जांचा जा सकता है। न्यूजपेपर में हीरा रखें और उसे पढ़ने की कोशिश करें। अगर आपको न्यूजपेपर पर लिखे अक्षर साफ-साफ नजर आते हैं तो हीरा नकली है। अगर न्यूज़पेपर नहीं पढ़ पा रहे हैं तो हीरा असली है। असली हीरे की चमक ही इतनी तेज होती है कि अक्षर पढ़े नहीं जा सकते।
– हीरा बहुत लचीला होता है जो हर तरह के तापमान में बिना किसी डैमेज के चेंज हो जाता है। लाइटर की मदद से हीरा को आधे मिनट तक गर्म कर फिर ठंडे पानी में डाल दें। नकली हीरा पानी में अलग-अलग हो जाएगा, जबकि असली हीरे में कोई बदलाव नहीं होगा।
– हीरा में अगर रेनबो स्पॉर्कल के साथ अलग-अलग रंग भी दिखे तो वह असली है। नकली हीरे में कोई रंग नजर नहीं आता।
– पानी में डालने पर नकली हीरा तैरेगा, जबकि असली डूब जाएगा।
– मैग्निफाइंग ग्लास लें और इसके नीचे हीरे केा रखें। खान से निकाले गए असली हीरे में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। चूंकि असली हारे प्राकृतिक तरीके से खुद बने होते हैं, इसलिए उनपर कई निशान होते हैं और उनका आकार भी आड़ा-तिरछा होता है। हालांकि, यह टेस्ट पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता, क्योंकि अच्छे हीरे भी तराशे नजर आते हैं और असली होने के बावजूद उनपर कोई प्राकृतिक निशान नजर नहीं आता।
– हीरे को सैंडपेपर को रगड़ें। असली हीरे पर कोई स्क्रैच नहीं पड़ेगा, लेकिन नकली पर स्क्रैच नजर आने लगेगा।

जरूर लें विशेषज्ञ की राय
हां, उपरोक्त जांच सोने या हीरे के असली या नकली होने की बाबत अापको प्रारंभिक जानकारी देते हैं। इसलिए केवल एक जांच पर भरोसा नहीं कर सभी को आजमाएं। रत्‍न विशेषज्ञ संजय शर्मा व सोना-चांदी विक्रेता अजित स्‍वर्णकार कहते हैं कि ये जांच असली-नकली की गारंटी नहीं देते।

उन्‍होंने कहा कि जांच केवल यह बताते हैं कि सोना या हीरा नकली हो सकता है। जांच की प्रमाणिकता जांच करने के स्किल पर भी निर्भर करता है। ग्राहक अंतिम निष्‍कर्ष पर किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही पहुंचें।

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